अध्याय 59

स्कूल के गेट पर खड़ी कैरोलाइन के सामने धूप कुछ ज़्यादा ही चुभ रही थी। सामने का नज़ारा—एकदम परफ़ेक्ट, किसी विज्ञापन के लिए सजाया गया—एक खुशहाल परिवार की तस्वीर जैसा था।

कैरोलाइन की आँखें चमक से हल्का-सा जल उठीं—या शायद किसी और वजह से। उसने चुपचाप छोटी-सी रीना का हाथ और कसकर पकड़ लिया।

“रीना, हम आ ग...

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